iPhone vs Android: कौन सा प्लेटफार्म ज्यादा सुरक्षित है?

By | July 4, 2021

iPhone vs Android: कौन सा प्लेटफार्म ज्यादा सुरक्षित है? – दोस्तो आज के समय में सिक्योरिटी को लेकर हमारे मन में बहुत ही चिंता बनी रहती है क्योंकि हम जो भी फोन इस्तेमाल करते हैं चाहे वह एंड्रॉयड हो या फिर आईफोन सभी में हमारा प्राइवेट डाटा पढ़ा होता है जिसका हैक होने का डर सभी को लगा रहता है इसलिए हम आजकल जो भी छोटी से बड़ी चीज खरीदते हैं तो सबसे पहले हम उसके बेहतर सुरक्षा के बारे में जरूर सोचते है।

हर साल हजारों फोन लांच किए जाते हैं जिस्म में फीचर और सिक्योरिटी को लेकर बहुत ही ज्यादा डेवलपमेंट किया जाता है। लेकिन फिर भी हम उसमें चाह कर भी सुरक्षित नहीं होते क्योंकि हमारे आसपास बहुत से ऐसे हैकर है जो हमारा स्मार्टफोन कभी भी हैक करके डाटा को लीक कर सकते हैं । इसलिए आज हम बात करेंगे आईफोन और एंड्राइड में सबसे बेहतर सिक्योरिटी कौन सा प्लेटफार्म देता है। सिक्योरिटी के मामले में आईफोन को एंड्राइड के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित माना गया क्योंकि इसमें बहुत से ऐसे फीचर्स होते हैं जिसे केवल Iphone से ही कनेक्ट कर सकते हैं।

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आइए हम आपको कुछ कारण बताएंगे जिसमें आपको यह पता चल जाएगा की आईफोन एंड्राइड से ज्यादा सुरक्षित क्यों है।

1:- Market share

अगर आप एंड्रायड स्मार्टफोन यूज कर रहे है तो आपको पता होना चाहिए कि हैकर सबसे ज्यादा अटैक ओपरेटिंग सिस्टम पर करते है। क्योंकि ओपरेटिंग सिस्टम security के मामले में Market share मे बहुत बड़ा योगदान निभाता है। आज के समय में Android का Market share 85% है। ऐसा इसलिए क्योंकि आज कल ( 70 से 80)% लोग आज एंड्राइड फोन यूज कर रहे है। एंड्राइड भी एक अपने आप में ऑपरेटिंग सिस्टम है। अगर आप Desktop या फिर लैपटॉप यूज करते है तो वो भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है इसलिए Operating system हैक होने के 90% चांस रहते हैं।

2:- Viruses और Malware

Android mobile पर सबसे ज्यादा अटैक Viruses और Malware के जरिए किया जाता है इसमें गूगल की अहम भूमिका होती है।ऐसा इसलिए होता है की हम कभी-कभी आई हुई किसी भी Unknown link को ओपन करते हैं तो वह हमारे ऑपरेटिंग सिस्टम में Viruses और Malware अटैक करती है और हमको पता भी नही चलता कि हमारा मोबाइल हैक हो चुका है।
कुछ Malwere IPhone पर भी अटैक करते है लेकिन इसके हैक होने के चांसेस एक परसेंट से भी कम होते है।

3:- थर्ड पार्टी ऐप

Android का प्लेटफॉर्म थर्ड पार्टी एप्स भरा हुआ है सबसे ज्यादा हैक होने के चांस इन थर्ड पार्टी ऐप से ही होता है क्योंकि हम किसी भी ऐप को बिना सोचे समझे डाउनलोड कर लेते हैं और उसे हर चीज की परमिशन दे देते हैं जैसे कि Camra, Contect, Files, Sms इत्यादि इसी वजह से हमारी प्राइवेट फाइल हैकर के हाथों में चली जाती है। लेकिन IPhone में थर्ड पार्टी ऐप जल्दी अटैक नहीं कर पाते है यही वजह है की IPhone से Android 97% असुरक्षित है।

4:- Sandboxing

IPhone में अगर कोई वायरस या Malware अटैक करता है तो वह सीधा उसके ऑपरेटिंग सिस्टम पर अटैक नहीं कर सकता क्योंकि जो IPhone का ऑपरेटिंग सिस्टम है वह एंड्राइड की तुलना में बहुत ही अलग तरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें कोई भी थर्ड पार्टी ऐप हम डाउनलोड करते हैं अगर वह ऐप हमारे मोबाइल में वायरस भेजता है तो वायरस सबसे पहले Sandbox में जाता है। सैंडबॉक्स उसे ऑपरेटिंग सिस्टम तक पहुंचने नहीं देता है। यही वजह है की Iphone बहुत ही कम हैक होते है। Android operating को सबसे ज्यादा Develop तो कर दिया गया है लेकिन उसमें हैक होने का खतरा भी उतना ही ज्यादा रहता है।

5:- Facial Recognition

Android हो या फिर iPhone दोनो में ही सिक्योरिटी बेस्ट है लेकिन Android अपने यूजर को हर एक फीचर्स सबसे पहले प्रदान करना चाहता है। लेकिन आईफोन अगर किसी भी फीचर को लांच करता है तो वह पहले उसको बेहतर बनाता है फिर लॉन्च करता है। यह अनलॉकिंग फीचर Samsung और IPhone दोनों में देखने को मिलता है जिसका यूज हम पेमेंट करने के लिए भी कर सकते हैं।

Security researcher ने यह साबित किया है की सैमसंग के इस feature को आसानी से तोड़ा जा सकता है ऐसा इसलिए है कि सैमसंग अपने यूजर का फेस नहीं पहचान पाता अगर आपके फेस पर दाढ़ी आ गई है या फिर फेस पर कुछ पहने हुए हैं और इस मामले में एप्पल सबसे आगे क्योंकि एप्पल अपने यूजर को तब भी पहचान लेता है जब उसके फेस पर दाढ़ी आ जाए या फिर उसने क्लास पहन रखा हो इसलिए Apple में यह सिक्योरिटी फीचर बहुत ही लोकप्रिय है। देखा जाए तो एंड्राइड मोबाइल हैक होने की न्यूज़ अपने बहुत बार सुनी या फिर अखबार में देखी भी होगी लेकिन आईफोन इतिहास में बहुत ही कम हैक हुआ है।

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