गूगल मैप से जुड़ी 5 सबसे रोचक कहानियां

By | October 24, 2021

गूगल मैप से जुड़ी 5 सबसे रोचक कहानियां – ये तो है सब जानते है कि आज के समय के देश का जितना ज्यादा विकास हो रहा है उतना ही जाता वो क्षेत्रों में बटता जा रहा है । ऐसे में अगर कोई व्यक्ति बिना सही पता के कहीं निकल जाए तो उसके लिए अपनी मंजिल तक पहुंचना तो दूर अपने पथ में एक कदम भी सही नहीं बढ़ा सकते। इसके बाबजूद लोग अपने साथ पता लेकर निकलना भूल जाते हैं और उन्हें बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कुछ ऐसी ही मुश्किलो से निकालने में गूगल में आप कैसे मदद करता है इनसे जुड़ी पांच ऐसी रोमांचक कहानी आज हम आपको बताने वाले हैं जो आपको गूगल मैप का इस्तेमाल करने के लिए और भी ज्यादा प्रेरित करेगी। तो चलिए शुरू करते है।

1. रेगिस्तान से निकलने में सहायता

हाल ही में प्रसिद्ध हुई या कहानी ऐसे तीन दोस्तों की है जो कि अपनी एक नाव में खराबी होने के कारण समुद्र के बीच फस गए थे। जिसके बाद में तीनों दोस्त किसी भी प्रकार करते हुए एक टापू पर पहुंचे और वहां जाकर वे चैन की सांस ले लगे। परंतु कुछ समय उन तीनों में से किसी को भी यह पता नहीं था कि वह समय किस जगह पर है। जिसके बाद उनमें से एक मित्र ने कुछ लकड़ियां इकट्ठा की और उससे समुद्र के किनारे बड़े बड़े अक्षरों में मदद के लिए लिखने लगा। काफी दिन बीत गए परंतु कोई सहायता ना मिलने पर वे सब निराश हो गए।

जिसके बाद उनमें से एक मित्र ने गूगल मैप पर लोकेशंस को देख रहा था कि तुरंत उसे एक आइलैंड के किनारे मदद शब्द दिखाई दिया। जब उस व्यक्ति ने उसको बड़ा करके देखा तो उसे यह समझने में बिल्कुल दिल ना लगे कि वह उसी आईलैंड को देख रहा है। जिसके बाद तुरंत उसने यूएस नेवी को इस चीज की जानकारी दी कुछ ही देर में यूएस नेवी की एक टुकड़ी उस टापू पर पहुंची और उन तीनों को सही सलामत बचा लिया।

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2. 23 साल का इंतजार

यह कहानी हमारे देश भारत की एक ऐसे बच्चे की है जिसका नाम शारू हुआ करता था।एक दिन वह किसी गलती के कारण किसी गलत ट्रेन में बैठ गया जिसके बाद वह कहीं और ही चला गया मतलब की खो गया।जिसके बाद वह बच्चा ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली एक महिला को मिला जिसमें उसे गोद में लिया और फिर उस बच्चे को लेकर के ऑस्ट्रेलिया चली गई। ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद भी उस बच्चे को अपने घर की बहुत याद आती थी पर उसका घर कहां था उसे पता नहीं था। उसे बस इतना याद था कि उसके घर के पास दो पानी की टंकीया है।

देखते-देखते 23 साल बीत गए और अब वह बच्चा बहुत ही ज्यादा समझदार हो चुका था।उसने गूगल मैप पर अपना घर ढूंढना शुरू कर दिया था और एक दिन उसने गूगल मैप आपके द्वारा अपना घर ढूंढ ही लिया।जिसके तुरंत बाद व ऑस्ट्रेलिया से इंडिया के लिए रवाना हुआ और सीधा अपने घर जाकर अपने परिवार से मिला।परिवार वालों के लिए तो शारु का मिलना मानो गूगल मैप की तरफ से दिया हुआ एक उपहार था। उन्होंने गूगल मैं आपका तहे दिल से शुक्रिया किया और यह भी कहा कि यदि गूगल मैप नहीं होता तो वह अपने परिवार से कभी भी नहीं मिल पाते।

3. खोए हुए आदमी को गूगल मैप ने खोजा

अक्टूबर 2006 में घटिया घटना तब सामने आई जब 67 साल का एक व्यक्ति जिसका नाम डेविड ली था , लेकिन वह हर बार की तरह अपने घर जा रहे थे और काफी समय होने के बाद भी वह घर तक नहीं पहुंचे। जिसके बाद घर बाहर हो रहे हैं उनको ढूंढने की बहुत कोशिश की परंतु वे हर कोशिश में नाकामयाब रहे। समय बीतने लगा और धीरे-धीरे लोगों ने उनकी खोजबीन करनी बंद कर दी।

देखते-देखते 6 साल का समय बीत गया और अब वक्त था 2011 का। एक दिन उसी एरिया का एक व्यक्ति गूगल मैप पर अपने एरिया को देख रहा था। अचानक उसे तालाब के किनारे एक अजीब सी चीज दिखाई दी जब उसने उसे नजदीक से देखा तो उसे पता चला कि वह एक गाड़ी थी।उसे तुरंत ही इस चीज के बारे में पुलिस को बताया और जब पुलिस वहां पहुंची तो तालाब से उस गाड़ी को बाहर निकाला गया। जिसके बाद पता चला कि वह डेबिट की ही गाड़ी थी जिसके अंदर डेविड की सड़ी गली लाश पड़ी हुई थी।इस बार गूगल में अपने किसी की जान तो नहीं बचाई परंतु लोगों को डेविड की लाश दिला कर कि यह सांत्वना जरूर दिलाया कि डेविड अब इस दुनिया में नहीं रहा।

4. मदद के लिए इंतज़ार

वर्ष 2007 में शेरिदा नाम का एक व्यक्ति जो कि इंग्लैंड में रहता था वह 1 दिन समुद्र के किनारे आए तूफान के कारण अनजान आईलैंड पर पहुंच गया। धोखे से आए होने के कारण उसे आईलैंड के बारे में कुछ भी पता नहीं था और उसे यह भी बिल्कुल पता नहीं था कि वह इस समय किस स्थान पर है। काफी समय तक इंतजार करने के बाद वह उस टापू पर अकेला ही रह गया परंतु वहां कोई पहुंचा नहीं।

समय का चक्र बढ़ता गया और देखते-देखते 7 साल बीत गए जिसके बाद एक दिन अमेरिका के कुछ बच्चे गूगल में आप पर कुछ आप लोगों को देख रहे थे। अचानक उन्हें एक टापू के किनारे एस ओ इस लिखा हुआ कुछ दिखाई दिया।अब इन बच्चों को यह समझने में बिल्कुल भी देना लगेगी उस टापू पर कोई व्यक्ति मौजूद है जिसे मदद की जरूरत है।जिसके बाद उन बच्चों ने इस बात को अपने पेरेंट्स को बताइए और उनके पेड़ से पुलिस को इस चीज की जानकारी दी। जिसके बाद तुरंत ही उस व्यक्ति की जान बचा ली गई।

5. खोया हुआ लड़का

15 वर्षीय ऑस्टिन नामक एक लड़का हैकिंग के दौरान अपने ग्रुप से बिछड़ कर ग्रेट स्मोकी माउंटेन नेशनल नामक एक पहाड़ी पर खो गया। उसे इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह इस समय किस स्थान पर है। उसके पास एक मोबाइल था परंतु नेटवर्क ना होने के कारण हो उसका कोई भी उपयोग नहीं कर पा रहा था। मोबाइल की बैटरी बचाने के लिए उसने अपने मोबाइल को स्विच ऑफ किया और अपने पास रख कर इधर-उधर रास्ता ढूंढने लगा।

10 दिन की कड़ी मेहनत के बाद भी वो उस पहाड़ी में घूमता रहा और उसे कोई रास्ता ना मिला।परंतु 11 दिन उसे याद आया कि उसके मोबाइल में नेटवर्क तो नहीं है लेकिन जीपीएस का उपयोग वह बिल्कुल कर सकता है। तुरंत ही उसने अपने मोबाइल को स्विच ऑन किया और जीपीएस को ऑन कर दिया। ऑस्टिन ने जैसे ही अपने जीपीएस को ऑन किया जीपीएस की मदद से वह वहीं की इलाकों में कनेक्ट हो गया और स्थानीय लोगों ने उसकी जान बचा ली।

Conclusion

कई बार खाली समय में बैठकर के मोबाइल पर सिर्फ उंगलियां फिर आना गलत नहीं होता परंतु यदि हम मोबाइल की सहायता से कुछ ऐसे कार्य कर सकते हैं तो सोचिए मोबाइल हमारे लिए कितना सादा आवश्यक और विश्वसनीय चीज है। यदि कुछ ऐसी पांच सच्ची घटनाएं गूगल मैप आपको धन्यवाद तो दिया ही बल्कि लोगों को भी उसका उपयोग करने की सलाह दी।

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